♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦ सन्देश♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦


हिन्दुस्तानी एकेडेमी हिन्दी, उर्दू एवं हिन्दी के क्षेत्रीय स्वरूपों (भोजपुरी, अवधी, ब्रज एवं बुन्देली) के संवर्धन एवं विकास के लिए सतत प्रयासरत है। मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार एकेडेमी क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिये प्रतिबद्ध है। मेरा प्रयास होगा कि एकेडेमी की गौरवशाली परम्परा का निर्वहन कर सकूँ। विविध विषयों पर उच्चकोटि की संगोष्ठियों, व्याख्यानमालाओं तथा कार्यशालाओं का आयोजन कराने की दिशा में एकेडेमी निरन्तर क्रियाशील है। मेरा यह भी प्रयास होगा कि हिन्दी एवं उर्दू तथा हिन्दी की क्षेत्रीय भाषाओं के विद्वानों एवं विशेषज्ञों तथा नई पीढ़ी के उदीयमान साहित्यकारों को एकेडेमी के कार्यक्रमों से जोड़ा जाय।

रवीन्द्र कुमार
     सचिव